डायबिटीज; खुद अपनी देखभाल करें

मधुमेह रोग से ग्रसित होने का मतलब है बिना खबर या अनजाने में मधुमेह बिमारी से शादी होना । यह सब इतना चुपचाप हुआ कि आपको पता भी नहीं चला कि कब शादी हो गयी। सभी महिलाओं को समृद्ध और सुंदर पुरुषों से शादी करना पसंद है। (मैं महिलाओं शब्द का उपयोग कर रहा हूँ क्योंकि मैं एक पुरुष हूं, महिलाये इसकी जगह पुरुष शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं)। मधुमेह नाम की यह महिला भी अमीर लोगों से सम्बन्ध बनाना चाहती है; ऐसे लोग जो शारिरिक वजन में अमीर (मोटापे से ग्रसित लोग) हैं, या गतिहीन जीवन या आलसी जीवन शैली बिताने में अमीर हैं, इसे अधिक प्रिय हैं। हो सकता है कि आप इन दोनों में गरीब हों, लेकिन आपकी पारिवारिक समृद्धि (माता-पिता का मधुमेह से पीड़ित होना) ने शायद इसका ध्यान आपकी ओर आकर्षित किया हो। यह प्रेम इतना गुप्त था आपको इसके बारे में तभी पता चला जब आप अपने चिकित्सक के पास, जांच के लिए गए। आपकी यह नयी जीवनसाथी खतरनाक है लेकिन शादी के  रिश्ते के लिए पूरी तरह समर्पित है। वह किसी भी परिस्थिति में आप नहीं छोड़ेगी। आम शादी में तलाक एक विकल्प हो सकता है, लेकिन इस स्थिति मैं इस तरह का कोई कानून (या उपचार) मौजूद नहीं है। आपके पास सिर्फ यही एक विकल्प है, कि अपनी मानसिक और शारीरिक शांति के लिए इस नये जीवन साथी को प्रसन्न रखें । वह चोबिसों घंटे आपका ध्यान अपनी ओर चाहती है। वह चाहती है कि आप लंबे समय तक अपने रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रण में रखें । अगर आप ऐसा कर सकते हैं तो आपकी मधुमेह नामक यह पत्नी आपसे हमेशा खुश रहेगी। विफल होने पर आप उसके क्रोध (आकास्मिक समय में होने वाले जटिलताओं) को आमंत्रित करेंगे, जो आपको भारी पड़ सकता है। वह इसकी शिकायत आपके ससुरालवाले/रिश्तेदारों (जैसे नेफ्रोपैथी, रेटिनोपैथी, सीएडी, न्यूरोपैथी और अथ्रोस्क्लेरोसिस आदि) से कर सकती है । ये बता दू कि ये रिश्तेदार उसकी एक शिकायत पर आपके घर में हमेशा के लिए रहने आ सकते हैं। वे आपकी मधुमेह नाम की आपकी इस पत्नी से बहुत प्रेम करते हैं। अगर उन्हें ये लगता है वह खुश नहीं है, या आप उनकी बेटी पर अत्याचार कर रहे हैं, तो वह आपको जान से भी मार सकते हैं।  अगर आप उन्हें दूर रखना चाहते हैं, तो बेहतर है कि मधुमेह नाम की इस पत्नी को खुश रखें।  आप के लिये कोई और यह कार्य नहीं कर सकता। आप, सिर्फ आप ही यह सब कर सकते हैं। सौभाग्य से, इस तरह की महिलाओं के व्यवहार का हम जैसे ज्ञानी पुरुषों ने बड़े पैमाने पर अध्ययन किया है। इस पोस्ट मैं आपको अपने नए जीवन साथी को खुश रखने के उपाय बताऊंगा जिससे आप दोनों जीवन के इस सागर में अपनी लम्बी यात्रा ख़ुशी-ख़ुशी पूरी कर सकते हैं । आपके द्वारा, इस नयी पत्नी/पति को खुश करने के (स्वयं की देखभाल युक्तियाँ/ self care tips) के तरीके निम्न प्रकार हैं ।

अपनी दवाइयाँ नियमित रूप से लें 

जब आपके रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है तो आपकी मधुमेह नाम की यह पत्नी बहुत प्रसन्न रहती है। उच्च रक्त शर्करा का स्तर उसको बहुत परेशान करता है । ज्ञानी जन कहते हैं कि पत्नी को प्रसन्न रखने के लिये बार बार उससे कहें कि वह बहुत सुंदर है और आप उससे बहुत प्यार करते हैं । नियमित रूप से समय पर दवा लेने का मतलब है कि आप अपनी इस नयी पत्नी (मधुमेह) को यह अहसास दिला रहें हैं कि आप उसका कितना ख्याल रखते हैं। अतःअपनी दवाएं नियमित रूप से लें।

एक डायरी बनायें और स्वयं की निगरानी करें

मधुमेह के लिए आपको खुद की निगरानी करने होगी।  आहार, दवाओं, मूत्र और रक्त शर्करा के जाँच परिणाम, शरीर के वजन और परिवर्तन के रिकॉर्ड पर नजर रखने के लिए आप डायरी का प्रयोग करें। ग्लूकोज स्ट्रिप्स बाजार में उपलब्ध हैं। भोजन के 2 घंटे बाद रक्त शर्करा का स्तर मापें और डायरी में लिखे । डायरी में नोट किया हुआ विवरण अपने डॉक्टर को सूचित करें। इससे डॉक्टर को दवा की खुराक को समायोजित  करने में मदद मिलेगी। एक बार दवा की मात्रा स्थिर हो जाये, तो रक्त शर्करा का आकलन महीने में एक बार किया जा सकता है। लम्बी अवधि में रक्त शर्करा नियंत्रण की स्थिती पता करने के लिए, रक्त में एचबी A1C (Hb A1C) की मात्रा मापी जाती है। एचबी ए1सी की मात्रा 7.0 से कम रखा जाना चाहिए।

 हाइपोग्लाइसीमिया पहचानें  

कभी-कभी, रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बहुत कम हो जाती। इस स्थिती को हाइपोग्लाइसीमिया (hypoglycemia) कहा जाता है। यह मधुमेह को दुखी करने जैसा है। यह महत्वपूर्ण है कि आप नए जीवन साथी के दुख (हाइपोग्लाइसीमिया) को समझे और शीघ्र कार्रवाई करें। हाइपोग्लाइसीमिया से आप कोमा में भी जा सकते हैं। यह आमतौर पर अधिक इंसुलिन या अन्य दवा की अधिक मात्रा, आहार में कार्बोहाइड्रेट की अपर्याप्त राशि, मधुमेह रोधी दवाओं के साथ शराब का सेवन, उपवास और ज्यादा कसरत के कारण हो सकता है। हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण हैं; ज्यादा भूख लगना, कमजोरी लगना, पसीना आना, बेचैनी, घबराहट (अपने दिल की धड़कन का महसूस होना) और चक्कर का अनुभव होना। हाइपोग्लाइसीमिया से बचने के लिये आप अपने साथ हमेशा चीनी जरुर रखे। जब हाइपोग्लाइसीमिया वाले लक्षण महसूस हों तो आप थोड़ी चीनी खा सकते हैं।  चीनी का समय पर सेवन आपको बाद में और अधिक गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।  नियमित रूप से भोजन लें। उपवास करना या बहुत अधिक भोजन करना वर्जित है । अगर किसी कारण आप भोजन नहीं कर पाते तो कुछ अनाज वाला नाश्ता जरुर करें। आपात स्थिति में केला, भुना हुआ चना अथवा, 1 या 2 कम कैलोरे वाले बिस्कुट लियें जा सकते हैं।

आहार सम्बन्धी सावधानियां बरतें 

ज्यादा कैलोरी तथा कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ और सरल शर्करा वाले पदार्थ (जैसे चीनी, फलों का रस, केक, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स आदि) से मधुमेह को तकलीफ होती है क्योंकि इससे रक्त में शर्करा/ग्लूकोस की मात्रा बढ़ जाती है। जटिल कार्बोहाइड्रेट (अनाज से प्राप्त होने वाले कार्बोहाइड्रेट) लें। ये रक्त में शर्करा को धीरे धीरे बढ़ाते हैं । ज्यादा वसा वाले खाद्य पदार्थों न लें है। सादा पानी शायद आप के लिए सबसे अच्छा पेय है ।  वसा के सेवन के बारे में अधिक पता करने के लिए  हमारी पोस्ट ” क्या वसा वास्तव में हानिकारक हैं” जरुर पढ़े।

शारीरिक रूप से सक्रिय बनें  

शारीरिक व्यायाम मधुमेह प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यदि आप ऐसा नियमित रूप से करते हैं तो मधुमेह प्रसन्न होगी । नियमित व्यायाम हृदय रोगों से भी आपकी रक्षा करेगा। व्यायाम करने से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती। इंसुलिन प्रतिरोध में भी सुधार होता है । अगर आपके पास एक स्मार्टफोन है, तो आप कुछ पेडोमीटर/pedometer एपस/Aps डाउनलोड कर दैनिक पैदल चलने की स्थिति जान सकते हैं। यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय रूप होना चाहते हैं तो आपको प्रति दिन 10,000 कदम  चलने का लक्ष्य रखना होगा।

वज़न काबू में रखें

वज़न काबू में रखें। बीएमआई मूल्य 25 पर बनाए रखें बनाए रखें। अगर आप बीएमआई का मूल्य २२ कर सकें तो बहुत अच्छा होगा। कमर भी वांछनीय सीमा के भीतर ही रखा जाना चाहिए। 

रक्त शर्करा के स्तर बढाने वाले कारण जानें

बिमारी के दौरान रक्त में शर्करा बढ़ जाता है

बिमारी के दौरान रक्त में शर्करा बढ़ जाता है, जो बिमारी से लड़ने में काम आता है। अगर आप उल्टी या दस्त से 2 घंटे से अधिक समय से ग्रसित हैं या आप 2 दिनों से ज्यादा हैं बिमार हैं और ठीक नहीं हो रहें हैं तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

कुछ दवाईयां

कुछ दवाईयां जैसे एंटीबायोटिक आपके रक्त में शर्करा को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ दवाएं जैसे कोर्तिकोएस्त्रोइद्स/corticosteroids (प्रड्नेसोलों/prednisone) जो चकत्ते, गठिया, अस्थमा, और कई अन्य बिमारिओं का इलाज करने के लिए इस्तेमाल होतीं हैं, रक्त शर्करा को बढ़ा सकती हैं, । दैउरतिक्स/Diuretics (जो कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं) तथा कुछ अवसादरोधी दवायें, और द्कांजस्तंत/Decongestants जैसे pseudoephedrine या phenylephrine भी रक्त शर्करा बढ़ा सकते है। गर्भनिरोधक गोलियां भी इंसुलिन को प्रभावित कर सकती हैं। फिर भी, गर्भ निरोधकों मधुमेह से प्रभावित महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं।

शराब का सेवन

शराब एक सामाजिक बुराई है। इसने मानव जाति को सामाजिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर दिया है । जब आप शराब का सेवन करते हैं, तो मधुमेह काफी परेशान हो जाती है। बेहतर है कि आप शराब का सेवन न करें। यह आदत आपको अन्य सामाजिक समस्याओं से भी मुक्ति दिलायेगी।  शराब आपके रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ा या घटा सकती है। शराब रक्त में ग्लूकोज का स्तर लम्बे समय तक (12 घंटे) कम कर सकती है, जिससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है । अगर आप शराब से परहेज़ नहीं कर सकते, तो बेहतर है कि भोजन के साथ ही शराब का सेवन करें। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार एक महिला को एक पैग और पुरुष को दो पैग से ज्यादा शराब नहीं पीनी चाहिये। 

सूखे फल तथा मेवे की खपत

फल खाना एक स्वस्थ विकल्प है, लेकिन ज्यादा सूखे मेवे या फल खाने से आपके भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे रक्त में ग्लूकोस की मात्रा ज्यादा हो सकती है। किशमिश, सूखे मेवे या सूखे चेरी की खपत सिर्फ 2 बड़े चम्मच तक ही सीमित करें। 

तनाव कम करें

तनाव के कारण आपके शरीर के होरमोन (hormone) आपके रक्त में शर्करा की वृद्धि कर सकते हैं। इसलिये तनाव कम करने की कोशिश करें ।

हाथ पैरों की देखभाल करें 

मधुमेह होने के कारण आपको  त्वचा के शुष्क होने का खतरा बना रहता है, खासकर जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर ऊँचा चल रहा हो।  शुष्क त्वचा में  खुजली हो सकती है। खुजली के कारण त्वचा में दरार बन सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसका मुख्य कारण है न्यूरोपैथी।मधुमेह के मरीज को त्वचा को नम रखना चाहिये जिससे त्वचा की रक्षा हो सके। बहुत गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए, इससे त्वचा शुष्क हो जाती है। “लम्बे समय तक हाथ या पावों को पानी में भिगोने से बचना चाहिये । दर्द एक महत्वपूर्ण चेतावनी प्रणाली है। मधुमेह तंत्रिकाओं को प्रभावित करती है और पैरों की दर्द पहचानने की अनुभूति कम हो जाती है। इस कारण मधुमेह रोगियों को त्वचा के कटने या घर्षण का पता नहीं चलता। अक्सर इसका पता तब लगता है, जब घाव संक्रमित हो जाता है या संक्रमण काफी बढ़ जाता है। मधुमेह रोगियों को रोज़ एक निश्चित समय पर अपने हाथ पैरो का निरिक्षण करने की आदत विकसित करनी चाहिए, जिससे त्वचा के रंग में बदलाव, घर्षण, घाव या सूजन का पता जल्दी लगाया जा सके। पैर की उंगलियों के बीच भी अच्छी तरह से देखना ना भूलें। पैर के अंगूठे के नाखून नियमित रूप से काटना चाहिए। निरिक्षण से पहले हाथ और पैर साबुन और पानी से धोना चाहिए। सर्दियों में त्वचा मोएस्च्रिज़ेर/moisturizers, क्रीम आदि से नम रखनी चाहिए। न्यूरोपैथी वाले मधुमेह के मरीजों को अपने पैर ठीक से ढककर रखना चाहिए और चोटों से पावों की रक्षा करनी चाहिए। अच्छी गुणवत्ता वाले जूते का उपयोग अनिवार्य है। चप्पल और सैंडल का प्रयोग सावधानी से किया जाना चाहिए। फटे मोजे नहीं पहनना चाहिए क्योंकि त्वचा को नुकसान हो सकता है ।

सालाना आँखों की जाँच करवाएं

मधुमेह अंधापन का प्रमुख कारण है। साल में एक बार नेत्र परीक्षण अनिवार्य है।  इसके अलावा जब कभी दृष्टि में कमी महसूस हो तो आँखों की जाँच अवश्य करानी चाहिए।

धूम्रपान त्यागें और एक हीरो बनें  

धूम्रपान एक आत्मघाती व्यवहार है। स्वस्थ्य व्यक्तियों को भी धूम्रपान की सलाह नहीं दी जाती है। धूम्रपान खून की नलियों में अथरोस्क्लेरोसिस/atherosclerosis को बढ़ाता है और दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। धूम्रपान, मधुमेह से शरीर में होने वाले नुकसान की गति में तेजी कर देता है।

दवाओं का हमेशा स्टॉक रखें

अपनी दवाओं को तीन समूहों में विभाजित करें ;  15 दिनों का स्टॉक  दैनिक उपयोग के लिए, 15 दिनों का आपात स्टॉक और 7 दिनों का आरक्षित स्टॉक। आरक्षित स्टॉक हमेशा बनाये रखना चाहिये और किसी भी हालत में उसका उपयोग नहीं करना चाहिये। जब दैनिक स्टॉक ख़तम हो तब आपात स्टॉक का इस्तेमाल शुरू करें, परन्तु आरक्षित स्टॉक पर पहुचने से पहले दवाएं खरीदकर दैनिक स्टॉक और आपात स्टॉक को पूरा करें। जब भी आपको यात्रा के लिए बाहर जाना है, तो दुगने दिनों के लिये दवाएं अपने पास रखें, जिससे अगर दुर्भायग्यवश आप किसी आपदा में फस जाते हैं, तो भी आप सही समय पर अपनी दवाएं ले सकते हैं। आपदा के समय अक्सर बाजार से वांछित दवाओं का मिलना एक बड़ी समस्या हो सकती है। छोटी छोटी इन सावधानियों से अनचाही परेशानियों से बचा सकता है।

जेब में एक कार्ड हमेशा रखें

जेब में एक कार्ड हमेशा रखें। उसमे अपना नाम, उम्र, पता, टेलीफोन/संपर्क नंबर और चिकित्सक का नाम और टेली संख्या तथा अपने परिवारजन का नाम व् टेलीफोन/संपर्क नंबर का उल्लेख करें। परिवारजन के नंबर के आगे ICE उपसर्ग लगायें। उदाहरण के लिये अगर आपके परिवारजन या रिश्तेदार का टेलीफोन नंबर 123456 है, तो यह ICE123456 लिखा जाना चाहिए।ICE का मतलब है ‘इन केस इमरजेंसी’ या ‘आपातसमय के दौरान’ है। दुर्घटना के दौरान यह तरीका लोगों को या पुलिस को संपर्क सूची से एक विशेष टेलीफोन नंबर पता लगाने के लिए मदद करेगा।

सारांश

स्वयं की देखभाल पोस्ट में लिखित युक्तियाँ संक्षेप में इस प्रकार  हैं:-

  • आहार संबंधी सावधानियों
  • वजन बनाए रखना 
  • रक्त ग्लूकोज की नियमित निगरानी
  • दैनिक हाथ और पैर परीक्षा स्वयं के द्वारा और चिकित्सक द्वारा एक साल में एक या दो बार ।
  • रक्त शर्करा और मूत्र परीक्षा हर महीने।
  • हर छह महीने में सूक्ष्म अल्बुमिनेरिया/albuminaria के लिए जाँच।
  • रक्तचाप माप हर तीन महीने में।
  • A1C परीक्षण (4 बार एक वर्ष)।
  • आँखों की वार्षिक परीक्षा ।
  • लिपिड प्रोफ़ाइल जाँच; पहले साल हर छह महीने और इसके इसके बाद हर साल 

क्या मधुमेह रोगियों का भविष्य ख़राब है?

विवरण पढ़ने के बाद, आपको यह लगेगा कि मधुमेह के रोगी का भविष्य उज्जवल नहीं है। मधुमेह तथा उसकी जटिलताओं के कारण जीवन की डगर कष्टमय हो सकती है। जैसा कि मैंने कहा, मधुमेह होना मतलब, बीमारी से शादी कर लेने जैसा ही है। यह रिश्ता लंबा है। सब आप पर निर्भर करता है कि आप अपने जीवन में खुशियाँ लायें या दुख। आपको इस नए जीवनसाथी को प्रसन्न रखना है जिसके नुस्खे में आपको पहले बता चुका हूँ। इस रिश्ते को आप सकारात्मक रूप में लें तथा मुश्किलों को अच्छे अवसर में बदल दें । मधुमेह को खुश के लिये आप अपने शरीर की देखभाल के लिए मजबूर होंगे। आप निरंतर चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे । मधुमेह के कारण आपको अपने आहार तथा व्यायाम पर खासा ध्यान देना होगा और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना होगा। स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर, आपके लिये दूसरी अन्य बीमारियों का जोखिम भी अपनेआप कम हो जायेगा। निरंतर निगरानी से रोग की किसी भी जटिलता/विषमता का जल्द से जल्द पता लग जाएगा और उसका इलाज़ किया जायेगा। इससे आप लम्बे समय तक स्वस्थ सकते हैं। इसके लिए आप मधुमेह नामक इस जीवनसाथी को धन्यवाद अवश्य दें । इसलिए परेशान होने की कोई बात नहीं है। हो सकता है कि आप मधुमेह की वजह से उन लोगों से ज्यादा स्वस्थ रहेंगे जिन्हें मधुमेह नहीं है।

लंबे समय तक स्वस्थ  रहने के लियें मधुमेह का सम्मान करें 

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